ताजा खबर
नई शुरुआत की ओर सलमान खान: साउथ के दिग्गजों संग बड़ा प्रोजेक्ट, ‘मातृभूमि’ पर भी नजरें   ||    विवियन डिसेना के घर गूंजी किलकारी: दूसरी बार बने पिता, बेटे के जन्म से परिवार पूरा   ||    नाना बने अनिल कपूर: सोनम कपूर के घर गूंजी किलकारी, परिवार में आया नन्हा मेहमान   ||    समायरा के 17वें जन्मदिन पर दीया मिर्जा का भावुक नोट, अनदेखी तस्वीरों में झलका मां-बेटी का प्यार   ||    राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    चेन्नई में गर्मी की जगह मौसम हुआ सुहाना, इधर बेंगलुरु वालों की बढ़ गई ठिठुरन, जानें IMD का पूर्वानुम...   ||    OPINION: 45 के नितिन नबीन को देखे और बीजेपी से कुछ सीख ले कांग्रेस, 83 साल के खरगे से कैसे चलेगा काम   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||   

कांग्रेस ने लगाया आरोप सांसदों को बांटी गई संविधान की कॉपी में प्रस्तावना से समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष शब्द हटाए, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Wednesday, September 20, 2023

मुंबई, 20 सितम्बर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। संसद में स्पेशल सेशन के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नई संसद के उद्घाटन के दौरान सांसदों को संविधान की जो कॉपी बांटी गई है, उसमें छपी प्रस्तावना से 'सेक्युलर' और 'सोशलिस्ट' शब्द हटा दिए गए हैं। इसके जवाब में सरकार ने कहा है कि संविधान की कॉपी में मूल संविधान की प्रस्तावना शामिल की गई है। जिसमें 'सेक्युलर' और 'सोशलिस्ट' शब्द नहीं थे। दरअसल, संविधान की प्रस्तावना में ये दोनों शब्द 1976 में 42वें संशोधन के जरिए शामिल किए गए थे।

कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया है कि हम जानते हैं ये शब्द 1976 में एक संशोधन के बाद जोड़े गए थे, लेकिन अगर आज कोई हमें संविधान देता है और उसमें ये शब्द नहीं हैं, तो यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि BJP की मंशा संदिग्ध है। ये बड़ी चतुराई से किया गया है। यह मेरे लिए चिंता का विषय है। मैंने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की, लेकिन मुझे इस मुद्दे को उठाने का मौका नहीं मिला। वहीं, अधीर रंजन के आरोपों पर कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा, जब संविधान अस्तित्व में आया, तब समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द नहीं थे। ये शब्द संविधान के 42वें संशोधन में जोड़े गए।

वहीं, दैनिक भास्कर की छानबीन में सामने आया है कि जो कॉपी सांसदों को दी गई है उसमें ओरिजिनल प्रस्तावना और संशोधित प्रस्तावना दोनों शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक पहले पन्ने पर ओरिजिनल प्रस्तावना है जबकि दूसरे पन्ने पर संशोधित प्रस्तावना भी है। अधीर रंजन का दावा पुख्ता नहीं है क्योंकि उन्होंने पूरी बात नहीं बताई। हालांकि पुरानी प्रस्तावना क्यों रखी गई है ये भी स्पष्ट नहीं है। दरअसल, संसद के विशेष सत्र में कामकाज 19 सितंबर से शुरू हुआ। उसी दिन सभी सांसदों को पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग ले जाया गया थी। तभी, सांसदों को संविधान की यह कॉपी भी दी गई थी।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.