ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    चेन्नई में गर्मी की जगह मौसम हुआ सुहाना, इधर बेंगलुरु वालों की बढ़ गई ठिठुरन, जानें IMD का पूर्वानुम...   ||    OPINION: 45 के नितिन नबीन को देखे और बीजेपी से कुछ सीख ले कांग्रेस, 83 साल के खरगे से कैसे चलेगा काम   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||   

RCB विक्ट्री परेड में मची भगदड़ के मामले में IPS विकास कुमार की बहाली, CAT ने पुलिस को क्लीन चिट दी, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Tuesday, July 1, 2025

मुंबई, 01 जुलाई, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। बेंगलुरु में IPL जीत के जश्न के दौरान आरसीबी की विक्ट्री परेड में मची भगदड़ के मामले में निलंबित किए गए आईपीएस अधिकारी विकास कुमार को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ने मंगलवार को बहाल कर दिया। ट्रिब्यूनल ने साफ कहा कि इस हादसे के लिए पुलिस नहीं बल्कि आरसीबी फ्रेंचाइजी जिम्मेदार है, जिसने बिना पुलिस की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया पर अचानक आयोजन की घोषणा कर दी, जिससे भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।

ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस न तो भगवान है और न कोई जादूगर, यदि समय रहते पुलिस को जानकारी और तैयारी का अवसर नहीं दिया जाए तो उससे भीड़ को नियंत्रित करने की उम्मीद करना अनुचित है। CAT ने इस बात को प्रमुखता से उठाया कि आरसीबी ने 4 जून को होने वाली विक्ट्री परेड की सूचना पुलिस को पहले नहीं दी थी और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त वक्त नहीं छोड़ा गया था। अचानक सूचना और आयोजक की लापरवाही के कारण 5 लाख से ज्यादा की भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिससे भगदड़ की स्थिति बनी और 11 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 75 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी विकास कुमार समेत तीन अधिकारियों को निलंबित किया था और अन्य पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई थी। सरकार ने दावा किया था कि आरसीबी के सीईओ ने 3 जून को बेंगलुरु पुलिस आयुक्त को आयोजन की सूचना दी थी, लेकिन इतने बड़े कार्यक्रम के लिए तैयारी का समय नहीं था, इसलिए आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी।

विकास कुमार ने सरकार के निलंबन आदेश को 5 जून को ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। इस मामले की सुनवाई CAT की बेंगलुरु बेंच में हुई, जिसमें न्यायिक सदस्य जस्टिस बीके श्रीवास्तव और प्रशासनिक सदस्य संतोष मेहरा ने 24 जून को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को आए फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि निलंबन का आदेश ठोस सबूतों पर आधारित नहीं है और इस आदेश को निरस्त किया जाता है। राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि वे ट्रिब्यूनल के आदेश की समीक्षा करेंगे और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री से सलाह लेंगे। गौरतलब है कि सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) सरकारी कर्मचारियों से जुड़े सेवा विवादों को सुलझाने के लिए बनाया गया एक विशेष मंच है, जिससे न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम किया जा सके। इसके फैसलों को चुनौती सीधे हाईकोर्ट में दी जा सकती है और देशभर में इसकी कई बेंचें कार्यरत हैं।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.