ताजा खबर
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    चेन्नई में गर्मी की जगह मौसम हुआ सुहाना, इधर बेंगलुरु वालों की बढ़ गई ठिठुरन, जानें IMD का पूर्वानुम...   ||    OPINION: 45 के नितिन नबीन को देखे और बीजेपी से कुछ सीख ले कांग्रेस, 83 साल के खरगे से कैसे चलेगा काम   ||    कांग्रेस की रैली में 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' की गूंज, मणिशंकर अय्यर मूवमेंट की यादें हुईं ताजा   ||    मुझे दलील रखने दें... सॉलिसिटर जनरल देते रहे दलील, CJI सूर्यकांत बोले- हम अंतरिम जमानत देते हैं, सिब...   ||    AUS vs ENG: भारत के खिलाफ फेंकी थी 1 ओवर में 9 गेंद, लगाई थी वाइड की लाइन, उसके दम पर एडिलेड टेस्ट ज...   ||    On This Day in 1979: जब पिच पर एल्युमीनियम बैट ने बंद करा दिया टेस्ट मैच, बदलने पड़ गए क्रिकेट के नि...   ||    BCCI का भारतीय टीम के लिए नया फरमान, प्लेयर्स को अल्टीमेटम! किसी भी कीमत पर खेलने होंगे ये 2 मैच   ||    इंग्लैंड ने चली चाल, एशेज में वापसी करने के लिए प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव, जोश टंग की एंट्री   ||    चाहे जितना फ्लॉप हो टी20 टीम में इन 2 खिलाड़ियों की जगह है पक्की, आखिर क्यों प्लेइंग XI से बाहर नहीं...   ||   

तमिलनाडु के राज्यपाल ने 2 बिलों को दी मंजूरी, 12 हजार से अधिक दिव्यांगों को मिलेगा नामांकन का अधिकार, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Tuesday, June 3, 2025

मुंबई, 03 जून, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य सरकार द्वारा पारित दो बिलों को आखिरकार मंजूरी दे दी है, जिससे करीब 12,000 से अधिक दिव्यांगजनों को शहरी और स्थानीय निकायों में नामांकन का अधिकार मिलेगा। ये बिल लंबे समय तक राजभवन में अटके हुए थे। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस फैसले पर कहा कि यह मंजूरी आनी ही थी और राज्यपाल इस बात से घबराए हुए थे कि अगर बिलों को और रोका गया तो वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को तमिलनाडु के राज्यपाल और सरकार के बीच जारी विवाद पर राज्यपाल के अधिकार की सीमा तय करते हुए कहा था कि उनके पास वीटो पावर नहीं है। कोर्ट ने राज्यपाल द्वारा दस जरूरी बिलों को रोकने को अवैध करार दिया था और कहा था कि यह कदम मनमाना और कानून के खिलाफ है। अदालत ने राज्यपाल को निर्देश दिया था कि वे विधानसभा में पास हुए बिलों पर एक महीने के भीतर कार्रवाई करें। इस मामले में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि राज्यपाल आरएन रवि ने कई जरूरी बिलों को जानबूझकर रोक रखा है। पूर्व आईपीएस अधिकारी और केंद्रीय जांच ब्यूरो में काम कर चुके आरएन रवि ने 2021 में तमिलनाडु के राज्यपाल का पद संभाला था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल को दो स्पष्ट निर्देश भी दिए थे कि वे तय समय सीमा के भीतर बिलों पर अपना विकल्प चुनें और मंत्रिपरिषद की सलाह लेकर ही बिलों को राष्ट्रपति के पास भेजें या मंजूरी दें। साथ ही यदि विधानसभा बिल को फिर से पास कर भेजती है, तो राज्यपाल को उसे एक महीने के अंदर स्वीकार करना होगा। अदालत ने यह भी साफ किया कि वे राज्यपाल की शक्तियों को कम नहीं कर रहे, पर उनकी सभी कार्रवाइयां संसदीय लोकतंत्र के नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।

तमिलनाडु सरकार ने नवंबर 2023 में एक विशेष सत्र में ये बिल दोबारा पारित किए थे, क्योंकि राज्यपाल ने बिना कारण बताए पहले 12 में से 10 बिलों को विधानसभा में वापस लौटा दिया था और 2 बिल राष्ट्रपति को भेज दिए थे। इस विवाद के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था, जहां राज्य सरकार ने राज्यपाल के इस रवैये को गैरकानूनी बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए कहा था। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश की राज्य सरकारों की जीत है। उन्होंने विधानसभा में कहा था कि राज्यपाल ने जानबूझकर बिलों को मंजूरी देने में देरी की, जबकि संविधान स्पष्ट है कि दोबारा पास हुए बिलों को मंजूरी देना राज्यपाल का दायित्व है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच 2021 से ही विवाद चला आ रहा है। डीएमके सरकार ने राज्यपाल पर भाजपा के एजेंडे पर काम करने और विधेयकों को रोकने का आरोप लगाया है। वहीं राज्यपाल का कहना है कि संविधान उन्हें कानूनों पर अपनी सहमति रोकने का अधिकार देता है। यह विवाद सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुका है।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.